अडोल्फ हिटलर के बारे में 10 रोचक तथ्य
अडोल्फ हिटलर के बारे में 10 रोचक तथ्य
हिटलर से ज़्यादा भयावह इंसान शायद ही इस धरती पर पैदा हुआ है। अडोल्फ हिटलर एक ऐसा नाम जिसके नाम से सिर्फ़ जर्मनी ही नहीं बल्कि सारा विश्व एक समय में कांपता था. यहूदियों पर उसके द्वारा किये गये अत्याचार से एक बार ऐसा लगा जैसे इस दुनिया से मानवता ही खत्म हो गई हो. हिटलर के बारे में जितना भी पढ़ो कम ही लगता है।
1. अडोल्फ हिटलर की मां क्लारा हिटलर गर्भपात कराने का मन बना चुकी थीं, लेकिन ऐन वक्त पर चिकित्सक ने इसके लिए मना कर दिया.
2. आस्ट्रिया में 20 अप्रैल, 1889 में जन्मे जर्मन तानाशाह हिटलर कभी अच्छी पढ़ाई नहीं कर पाया। वह कभी कॉलेज नहीं गये।
3. बचपन में अडोल्फ हिटलर पादरी बनने का सपना देखा करता थे। सिर्फ चार साल की उम्र में एक पादरी ने ही हिटलर को डूबने से बचाया था।
4. 1905 में पढ़ाई छोड़कर पेंटिंग में भाग्य आजमाया, लेकिन उसे ‘कला स्कूल’ और अन्य आर्ट अकादमी में प्रवेश नहीं दिया गया। अंतत: हिटलर ने राजनीति की ओर रुख किया था।
5. “माँ, तुम मुझे छोडकर क्यों चली गईं माँ…तुम्हें पता है मैं तुमसे कितना प्यार करता हूँ….अब मैं तुम्हारे बिना कैसे जिऊंगा माँ…. तूने बहुत दुख झेले हैं माँ…. मैं भी तुझे कोई सुख नहीं दे पाया… अब तू चैन से सो जा माँ….सुनसान कब्रिस्तान में एक ताज़ी कब्र के पास बैठकर फूट-फूटकर रोता हुआ यह 18 साल का लड़का हिटलर था..
6. अडोल्फ हिटलर अपनी मां की मौत और कला स्कूल से दुसरी बार अस्वीकार होने के बाद बेघर हो गया था।
7. प्रथम विश्वयुद्ध में ब्रिटिश सैनिकों ने एक घायल जर्मन सैनिक की जान बख्श दी थी। वह खुशनसीब सैनिक अडोल्फ हिटलर ही था, लेकिन बाद में इसने ही चुन-चुन के यहूदियों को कत्लेआम किया।
8. यहूदियों पर इतना अत्याचार करने के बाद हिटलर का पहला प्यार एक यहूदी लड़की ही थी। मगर हिटलर के पास उस समय इतनी भी हिम्मत नहीं थी कि वह उस लड़की से अपने प्यार का इजहार कर सकता।
9. 1936 में जब जर्मनी में ओलिंपिक हुए थे तब भारत का मुकाबला जर्मनी से हुआ जिसमें हॉकी के जादुगर मेजर ध्यानचंद की वजह से भारत ने जर्मनी को 8-1 से पटखनी दी थी. इस मैच को हिटलर भी देख रहा था और उसने मेजर ध्यानचंद के खेल से प्रभावित होकर उन्हें अपनी सेना में उच्च पद देने ओर जर्मनी की तरफ से खेलने की पेशकश दी. मगर देशभक्त मेजर ध्यानचंद ने यह पेशकश मुस्कुराते हुए ठुकरा दी.
10. हिटलर की जिंदगी का वह दिन सबसे खुशी भरा था जब, सन 1938 में ‘टाइम्स पत्रिका’ ने हिटलर को “वर्ष का श्रेष्ठ मानव” का टाइटल दिया था।

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